पारसियों की पूजा अगियारी में की जाती है

अगियारी में एक आंतरिक गर्भगृह है

यहां प्रार्थना करते समय आग जलाई जाती है

पारसी अग्नि मंदिर कोलकाता में स्थित है जिसमें गैर-पारसी का प्रवेश वर्जित है

पारसी मंदिर अगियारी में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं

इन प्रार्थनाओं में लोग जो कुछ भी पाया उसके लिए ईश्‍वर के प्रति आभार व्‍यक्‍त करते हैं

पारसी मंदिर को अक्सर ‘दार-ए मेहर’ फारसी में या अगियारी गुजराती में कहा जाता है

पारसी धर्म में अग्नि स्वच्छ जल के साथ मिलकर अनुष्ठान शुद्धता के कारक हैं

इसके संस्थापक महात्मा ज़रथुष्ट्र हैं इसलिये इसे ज़रथुष्ट्री धर्म भी कहते हैं

पारसी अग्नि के माध्यम से एक ईश्वर अहुरा मज़्दा की पूजा करते हैं जिन प्राकृतिक तत्वों को वह पवित्र मानते हैं