दशहरा के दिन पूरे देश में रावण का दहन किया जाता है

वहीं भारत में कुछ ऐसी भी जगहें हैं जहां रावण की पूजा की जाती है

उत्तर प्रदेश के बिसरख में भी रावण की पूजा की जाती है

बिसरख का मतलब होता है ऋषि विश्रवा जो कि रावण के पिता थे

लोगों का मानना है कि विश्रवा ने ही स्वयंभू शिवलिंग की खोज की थी

यही वजह है कि यहां के स्थानीय निवासी ऋषि विश्रवा और उनके पुत्र रावण की पूजा करते हैं

महाराष्ट्र के गडचिरोली में भी रावण की पूजा होती है

यहां की गोंड जनजाति रावण और उनके पुत्रों को भी देवता मानते हैं

यही वजह है कि लोग उनकी पूजा भी करते हैं

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में भी रावण की पूजा की जाती है

मान्यता है कि रावण ने भोलेनाथ को बैजनाथ, कांगड़ा में अपनी भक्ति और तपस्या से खुश किया था

इसलिए यहां रावण को भोलेनाथ का सर्वश्रेष्ठ भक्त मानकर उसकी पूजी की जाती है