वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के मुताबिक,



रावण ने सीता का हरण नहीं किया था.



रावण ने सीता के प्रतिबिंब का हरण किया था.



अग्निदेव ने सीता को अपने सुरक्षा चक्र में



रखा और कुटिया से गायब कर दिया.



रावण ने असल में सीता माता का नहीं बल्कि उनके प्रतिबिंब का हरण किया.



इसका संकेत इस बात से मिलता है कि



जब रावण ने बलपूर्वक सीता को पकड़ कर रथ में बिठाया तो



सीता के पतिव्रत धर्म के मुताबिक रावण को जल कर भस्म हो जाना चाहिए था.