'अढ़ाई दिन का झोंपड़ा' राजस्थान के अजमेर में स्थित है



असल में यह कोई झोंपड़ा नहीं बल्कि एक मस्जिद है



यह भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक और अजमेर का सबसे पुराना स्मारक है



आखिर इस मस्जिद का नाम 'अढ़ाई दिन का झोंपड़ा' ही क्यों पड़ा?



'अढ़ाई दिन का झोंपड़ा' नाम होने के पीछे की दो वजह बताई जाती हैं



पहली ये कि इसे बनाने के लिए 60 घंटे यानी ढाई दिन का वक्त लगा था



दूसरा ये कि इस मस्जिद में आयोजित होने वाला उर्स ढाई दिन का होता है



इसलिए इस जगह को 'ढाई दिन का झोपड़ा' कहा जाता है



इस मस्जिद में 25 फीट ऊंचे 70 खंभे हैं, जिनपर खूबसूरत नक्काशी की गई है



'अढ़ाई दिन का झोंपड़ा' 1192 ईस्वी में अफगान सेनापति मोहम्मद गोरी के आदेश पर कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया था