धर्म ग्रंथों में देवी-देवताओं की पूजा में दीप जलाने,



आरती करने और भगवान को भोग लगाने के नियम बताए गए हैं.



आइए जानते है कि भगवान को चढ़ाया गया भोग



प्रसाद रूप में ग्रहण करना चाहिए या नहीं.



भगवान को चढ़ाया गया भोग पूजा स्थान



से तुरंत नहीं हटाना चाहिए और ना ही



बहुत अधिक समय के लिए रखा रहने देना चाहिए.



पूजा के बाद करीब 2-4 मिनट के लिए मंदिर में



भोग को रखा रहने दें और मंदिर में पर्दा डाल दें.



2-4 मिनट के बाद पूजा स्थान से भोग उठा लेना चाहिए.



परिवारजन और अन्य लोगों में प्रसाद रूप में बांट देना चाहिए.