वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी अपने प्रवचनों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं.



प्रवचन के दौरान वे लोगों के प्रश्नों का उत्तर देते हैं



और उनकी शंकाएं दूर कर समाधान बताते हैं.



प्रेमानंद महाराज से पूछा गया कि प्रेम विवाह में अगर कुंडली



नहीं मिलती है, तब भी शादी करना उचित रहता है या नहीं?



इस प्रश्न के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि



अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है, तो लड़का-लड़की को विवाह कर लेना चाहिए.



महाराज जी कहते हैं कि अगर किसी की कुंडली नहीं मिल रही है,



तो ईश्वर को समर्पित कर विवाह करना उचित है.



विवाह में ईश्वर को साक्षी मान लेने से विपरीत दिशा में



बैठे ग्रह शुभ फल प्रदान करने लगते हैं.



महाराज कहते हैं कि लड़का-लड़की का मन मिलना बहुत जरूरी होता है.