पितृपक्ष के दौरान गया में पिंडदान का विशेष महत्व है.



गया में पिंडदान व तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है



इसलिए इस स्थान को मोक्ष स्थल भी कहा जाता है.



यहां ब्रह्मा, विष्णु और महेश के अलावा सभी देवी देवता यहां विराजमान हैं.



वैसे तो पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए भारत में



कई जगहें हैं लेकिन फल्गु नदी के तट पर



स्थित गया शहर का अपना विशेष महत्व है.



गया में पिंडदान करने से 108 कुल और 7 पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है.



और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.



इसलिए इस स्थान को मोक्ष स्थली कहा जाता है.