अभी शहर में कई नए रेस्टोरेंट जरुर खुल गए हैं

लेकिन राजधानी में कुछ रेस्टोरेंट्स देश की आजादी से पहले के हैं

कुछ आजादी के बाद के हैं जिनकी लोगों में आज भी धाक जमी हुई है

करीम होटल नॉनवेज और मुगल खाने का स्पेशलिस्ट है

इस रेस्टोरेंट की स्थापना 1913 में जामा मस्जिद में हुई थी

क्वालिटी रेस्टोरेंट 1940 में दिल्ली में स्थापित हुआ था

क्वालिटी रेस्टोरेंट नार्थ इंडियन खाने और मुगलई खाने की सर्विस देता है

मोती महल रेस्टोरेंट ने सन 1947 में भारत में तंदूरी खाना पेश किया था

आज तंदूरी खाना लोगों की जुबान पर चढ़ गया है

सन 1957 में दिल्ली के कनॉट प्लेस में यह कॉफी हाउस खोला गया था.