शरद पूर्णिमा पर 28 अक्टूबर को मीराबाई की जयंती है. जानें मीराबाई के कुछ अनमोल विचार

प्रेम अर्थ तो मीरा जैसा, भूल कर सुध भुध सारी जो सिर्फ प्रियतम में खोए

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो वस्तु अमोलक दी म्हारे सतगुरू, किरपा कर अपनायो

जो मीरा को जान ना पायेगा, वो कान्हा को कैसे पायेगा

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोई मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोई

हरि तुम हरो जन की भीर।द्रोपदी की लाज राखी, तुरत बढ़ायो चीर॥

कृष्ण प्रेम में दीवानी भक्तिकाल की कवयित्री मरुधर मीराबाई मंदाकिनी

मीरा परम प्रेम ज्ञान,राधा से तुलना हो जिनकी, दोनों हैं एक समान, श्याम रहते हैं हृदय में जिनके