ऐसी मान्यता है की उज्जैन के राजा केवल महाकाल हैं.



दूषण नामक असुर से उज्जैन के निवासियों की रक्षा करने



के लिए भगवान शिव महाकाल रूप में प्रकट हुए थे.



उज्जैन में कई मंत्री और मुख्यमंत्री दौरा करते आते हैं,



लेकिन वो यहां रुकने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं.



इसका कारण भगवान महाकाल को ही माना जाता है.



कहा जाता है कि महाकाल आज भी उज्जैन के राजा हैं,



ऐसे में वहां किसी दूसरे राजा का ठहरना उचित नहीं होता.



ऐसा करने पर उन्हे सजा भुगतनी पड़ सकती है.