बद्रीनाथ में विशेष रूप से
भगवान विष्णु के एक रूप “बद्रीनारायण” की पूजा की जाती है.


बद्रीनाथ को लोग प्रमुख रूप
से पर्यटन स्थल ही मानते हैं. बद्रीनाथ मंदिर के आस – पास बहुत दर्शनीय स्थल मिलेंगे.


चरणपादुका बद्रीनाथ से 3 किमी
दूर स्थित एक चट्टान है जहाँ आपको भगवान विष्णु के पैरों के निशान देखने को मिलेंगे.


ब्रह्म कपाल अलकनंदा नदी के
तट पर स्थित एक पवित्र घाट है. इस स्थान पर पूर्वजों को श्राद्ध भी देते हैं.


व्यास गुफा उत्तराखंड के चमोली
जिले के माणा गांव में सरस्वती नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन गुफा है.


भीम पुल से आप दो पवित्र
नदियों सरस्वती नदी और अलकनंदा नदी के संगम के लुभावने दृश्य देख सकते है.


माणा गांव सरस्वती नदी के
तट पर स्थित है, इसे अंतिम भारतीय गांव के रूप में भी जाना जाता है.


6000 फीट की ऊंचाई पर स्थित,
पांडुकेश्वर हिंदुओं के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है. यह मंदिर पांडवों द्वारा बनाया गया था.


वसुधरा वॉटरफॉल 12,000 फीट
की ऊंचाई पर स्थित है और सुंदर पर्वत चोटियों से घिरा हुआ है.


विष्णुप्रयाग उत्तराखंड के
चमोली जिले में अलकनंदा नदी और धौलीगंगा नदी के संगम पर स्थित है.


जोशीमठ कई हिमालयी
अभियानों, ट्रेकिंग ट्रेल्स, कैंपिंग और तीर्थ केंद्रों का प्रवेश द्वार है.


तप्त कुंड भगवान अग्नि का
निवास है और अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है.तीर्थयात्री आमतौर पर यहां स्नान करने आते है.