रोजमर्रा की जिंदगी में कंस्ट्रक्शन साइट और ऑटोमोबाइल के जिन स्क्रैप को लोग फेंक देते हैं

उन्हीं स्क्रैप का इस्तेमाल कर वेस्ट टू आर्ट पार्क को विकसित किया गया है

जिसमें अपशिष्ट धातुओं के कबाड़ से बनी कलाकृतियों को स्थापित किया गया है

ललित कला अकादमी के सहयोग से उन कबाड़ों को इतना खूबसूरत स्वरूप दिया गया है

उसे देखते ही लोगों का मन मोहित हो जाता है

कौटिल्य मार्ग पर नई दिल्ली परिषद द्वारा ललित कला अकादमी के कलाकारों द्वारा विकसित किये गए

यह खूबसूरत पार्क उस दिशा में किये गए प्रयास का ही परिणाम है

यह पार्क दिल्ली वासियों के लिए एक अनमोल उपहार है

यह इस तथ्य का प्रमाण है कि कचरे को

अब इसे नए विषयों और चीजों के माध्यम से सुंदर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.