आजादी के बाद भारत की हिंदू और मुस्लिम जनसंख्या में काफी बदलाव दिखे



आइए जानते हैं कि हिंदुओं की जनसंख्या मुसलमानों से कितनी ज्यादा बढ़ गई



दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपित दिनेश सिंह और अजय कुमार के मैथमेटिकल मॉडल में आंकलन किया गया कि 2021 तक हिंदुओं और मुस्लिमों की आबादी कितनी हो गई



अनुमान लगाया गया कि 2021 तक हिंदुओं की आबादी 115.9 करोड़ और मुस्लिमों की 21.3 करोड़ तक पहुंच गई. हालांकि, 2021 में जनगणना नहीं हो सकी और 2011 में हुई थी



एक्सपोनेंशियल ग्रोथ मॉडल में हिंदुओं की आबादी 2021 तक 120 करोड़ और मुसलमानों की आबादी 22.6 करोड़ होने का अनुमान लगाया गया



दोनों मॉडल के आंकड़ों के हिसाब से देश में मुस्लिमों की तुलना में हिंदुओं की आबादी 5-6 गुना ज्यादा बढ़ी है



साल 1951 में हिंदुओं की आबादी 30.36 करोड़ और मुसलमानों की जनसंख्या 3.58 करोड़ थी



1951 में मुस्लिमों की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 9.8 फीसदी थी



2011 की जनगणना में मुसलमानों की आबादी 14.2 फीसदी हो गई



2011 की जनगणना में हिंदुओं की आबादी 96.2 करोड़ थी और मुस्लिमों की आबादी 17.2 करोड़ थी