स्पाइनल स्ट्रोक की समस्या काफी गंभीर होती है

इसमें रीढ़ की हड्डी तक सही ढंग से खून सर्कुलेट नहीं हो पाता

रीढ़ की हड्डी पर्याप्त खून पहुंचने पर ही सही से काम करती है

ऐसा न होने पर स्पाइन की टिशू डैमेज होने लगती है

अगर ये लक्षण दिखें तो आपको भी हो सकता है स्पाइनल स्ट्रोक का खतरा

स्पाइनल स्ट्रोक का खतरा हार्ट और डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा रहता है

अधिक मात्रा में शराब या स्मोक करने वाले लोगों को भी इसका खतरा होता है

पीठ में दर्द और गर्दन में अकड़न भी इसका एक लक्षण है

पैरों की मांसपेशियों में दर्द और झनझनाहट महसूस करना

स्पाइनल स्ट्रोक के मरीजों को पैरालिसिस होने की संभावना रहती है