मुस्लिम समुदाय के लोग सलाम को अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं

सामान्य रूप से वे एक दूसरे को अस-सलाम-अलैकुम बोलकर सलाम करते हैं

अस-सलाम-अलैकुम अरबी के शब्द से लिया गया है

जिसका अर्थ है शांति तुम पर बनी रहे

इसके जवाब में वालेकुम अस्सलाम बोलते हैं

जिसका अर्थ है तुम पर भी शांति बनी रहे

कई लोग हाथ मिलाकर सलाम करते हैं

हाथों को ऊपर उठाकर भी सलाम किया जाता है

तो कहीं माथे को छूकर सलाम करते हैं

कुछ लोग अपने सलाम के समय दूसरे से गले मिलते हैं.