हिंदू शादी में कई तरह के रीति रिवाज होते है

उन्हीं में से एक दूल्हे की बारात भी है

जिसमें लड़का अपनी बारात घोड़ी पर लड़की के घर जाता है

इसके पीछे कई विशेष कारण बताए जाते है

लेकिन क्या कभी सोचा है घोड़ी पर ही क्यों बारात ले जाई जाती है

पुराणों के अनुसार घोड़े पर सवार होकर सिर्फ चुनौती को स्वीकार किया जाता है

जिसका मतलब है कि दूल्हा शादी करके नई जिम्मेदारियां उठा रहा है

घोड़ी की सवारी ये दर्शाता है कि लड़का सारी जिम्मेदारियां निभाएगा

घोड़े की तुलना में घोड़ी को बुद्धिमान और चतुर माना जाता है

घोड़ी पर सवारी करने से दूल्हा निपुण दिखता है