देसी शराब को बनाने के लिए खजूर, गन्ने का रस का इस्तेमाल किया जाता है

साथ में खराब संतरे और सड़े हुए अंगूर, मकई का यूज किया जाता है

इन सभी चीजों में ईस्ट मिलाकर फर्मेंटेशन किया जाता है

फर्मेंटेशन के बाद इन चीजों को सड़ाया जाता है

इन चीजों को सड़ाने के लिए कई केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है

देसी शराब में मेथनॉल, ऑक्सीटोसिन और यूरिया मिलाया जाता है

देसी शराब को ज्यादा नशीला बनाने के लिए ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है

शराब बनाने की प्रोसेस में ज्यादा यूरिया और ऑक्सीटोसिन मिलाने से मिथाइल अल्कोहल बन जाता है

जो सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदायक होता है.