घृणा को घृणा से नहीं बल्कि प्रेम से खत्म किया जा सकता है, जोकि एक प्राकृतिक सत्य है.

सूर्य, चन्द्रमा और सत्य. ये तीन चीजें किसी भी हाल में नहीं छिप सकती.

जो करुणा से पूर्ण भरा होता है, वह हृदय अत्यंत की सुंदर होता है.

पचास लोगों से प्रेम करने वालों के पचास संकट हैं. जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके एक भी संकट नहीं हैं.

स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन और वफादारी सबसे बड़ा संबंध है.

सत्य के मार्ग पर चलते हुए व्यक्ति दो ही गलती करता है. पहली पूरा रास्ता तय न करना और दूसरी शुरुआत ही न करना.

संसार में इतना अंधकार नहीं है कि वो एक छोटे से दीपक के प्रकाश को मिटा सके.

चाहे जितनी भी किताबें पढ़ लीजिए, अच्छे प्रवचन सुन लीजिए. उसका फायदा तब तक नहीं होगा, जब तक आप उसे अपने जीवन में नहीं अपनाते.

भविष्य के बारे में मत सोचो और अतीत में मत उलझो. सिर्फ वर्तमान पर ध्यान दो. यही खुश रहने का रास्ता है.

इंसान के भीतर ही शांति का वास होता है. इसलिए इसे शांति को बाहर नहीं ढूंढे.