भारत के अलग-अलग राज्यों में नवरात्रि विभिन्न तरीके से मनाई जाती है. बंगाल में इसे दुर्गा पूजा कहते हैं.

शारदीय नवरात्रि के छठवें दिन से दुर्गा पूजा शुरू होती है. इस साल दुर्गा पूजा 20 अक्टूबर 2023 से आरंभ होगी.

बंगाली समुदाय की दुर्गा पूजा का पर्व 5 दिन तक यानी शारदीय नवरात्रि की षष्ठी से दशहरा तक चलता है.

षष्ठी तिथि पर कल्पारंभ, बिल्व निमंत्रण, सप्तमी पर नवपत्रिका पूजा, अष्टमी पर 9 रूपों का अव्हान, नवमी पर हवन करते हैं

विजयादशमी के दिन महिलाएं देवी को सिंदूर लगाकर. विवाहिता को सिंदूर लगाती हैं और मां को विदा करती हैं.

दुर्गा पूजा के पहले दिन देवी दुर्गा के साथ, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, पुत्र गणेश, कार्तिकेय की मूर्ति की पूजा की जाती है

दुर्गा पूजा के दौरान माता अपनी संतान के साथ मायके आती है.

इसी खुशी में 5 दिन तक दुर्गोत्सव मनाया जाता है. दुर्गा पूजा की परंपराओं में चाला, पारा और बारिर, पुष्पांजलि

धुनुची नत्य और आखिरी दिन सिंदूर खेला निभाया जाता है. विजयादशमी पर देवी की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है.