बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री रामकथा व हनुमंत कथा के साथ दिव्य दरबार लगाते हैं.

उत्तराखंड के गढ़ा गांव में बालाजी हनुमान का एक सिद्ध मंदिर है.

गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम में ही सिद्ध गुरु और दादाजी महाराज की समाधि भी है.

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दादाजी सिद्ध संत थे, जो निर्मोही अखाड़े से जुड़े थे और दरबार लगाते थे.

धीरेंद्र शास्त्री को दादाजी और हनुमान जी कृपा से दिव्य अनुभूति हुई और वे भी दिव्य दरबार लगाने लगे.

9 साल की उम्र से ही धीरेंद्र शास्त्री पर बालाजी की साधना का ऐसा असर हुआ कि उन्हें लोगों की मन की बात पता चलने लगी.

बागेश्वर धाम में मंगलवार के दिन अर्जी लगती है और पंडित धीरेंद्र शास्त्री भक्तों के दुखों का निवारण करते हैं.

बागेश्वर धाम में समस्या के अनुसार लाल, पीले और काले कपड़े में नारियल को एक स्थान पर टांग दिया जाता है.

कहा जाता है कि बागेश्वर धाम में अगर अर्जी स्वीकार हो जाती है, सपने में दो दिन तक बंदर नजर आते हैं.