अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है.



प्राण-प्रतिष्ठा के लिए अयोध्या में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं.



प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियां अयोध्या से घर-घर



भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए अक्षत यानी चावल भेजे गए हैं.



आइए जानते हैं कि अक्षत का क्या करें?



हिंदू धर्म में अक्षत का विशेष महत्व है. पूजा-पाठ और



विशेष अनुष्ठानों में अक्षत का इस्तेमाल किया जाता है.



प्राचीन काल में उत्सव या कार्यक्रम का न्योता देने



के लिए हल्दी में रंगे पीले चावल का इस्तेमाल करते थे.



अयोध्या से आए पूजित अक्षत को लाल रेशमी कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख लें.



अक्षत को तिजोरी में रखने से मंगल और चंद्र दोनों सक्रिय होकर लक्ष्मी योग का निर्माण करेंगें.