साल में तीन बार तीज व्रत पड़ते हैं. सावन में हरियाली तीज मनाई जाती है.

वहीं भाद्रपदा में कजरी तीज और हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है.

भाद्रपदा माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज कहते हैं.

कजरी तीज को कजलिया तीज और सातुड़ी तीज भी कहते हैं.

कजरी तीज हरियाली तीज के 15 दिन बाद होती है, जोकि 22 अगस्त को है.

सदा सुहागन की कामना के लिए महिलाएं 22 अगस्त को कजरी तीज का व्रत रखेंगी.

वहीं कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर के लिए कजरी तीज का व्रत रखती हैं.

कजरी तीज में विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती पूजा की जाती है.