इस जनरेशन में सभी के एहसासों की अपनी एक अलग परिभाषा है?



हूकूप्स, डेटिंग, रिलेशनशिप, सिचुयतिओनशिप
डेलूसीओन और पता नहीं क्या क्या.


आइए जानते हैं, श्री कृष्ण के हिसाब से शुद्ध प्रेम की क्या परिभाषा है.



श्री कृष्ण कहते हैं, यह प्रेम एक ऐसा भाव है



जो शारीरिक से परे हैं



यह एक भावना है, जो शाश्वत है और बिना किसी शर्त के की जाती है.



प्यार करना, बिना किसी इरादे के बात करना, बिना वजह समय देना



और बिना किसी उम्मीद के परवाह करना प्रेम है.



श्री कृष्णा के अनुसार यह सभी चीजें प्रेम की



सच्ची परिभाषाओं में आती हैं.