रामायण में प्रभु राम के जीवन के बारे में बताया गया है.



जिसमें प्रभु राम के जीवन से कई सीख मिलते हैं.



अगर रामायण के इन सीखों को व्यक्ति अपने जीवन में अपना ले तो जीवन सफल हो जाएगा.



आइए जानें रामायण से मिलने वाली 7 सीखों के बारे में.



प्रभु राम प्रेम व दया के प्रतीक है, ऐसे में व्यक्ति अगर अपने जीवन में इसे अपना ले तो उसे संतुष्टि का अनुभव होगा.



रामायण से सीखने को मिलता है कि बुराई चाहे कितनी भी बड़ी हो अंत में जीत अच्छाई की ही होती है.



माता कैकेयी को राम अति प्रिय थे, लेकिन मंथरा की बुरी संगति ने उन्हें राम को 14 वर्ष का वनवास देने



के लिए मजबूर कर दिया था, इससे यह सीख मिलती है कि हमें बुरी संगति में कभी नहीं रहना चाहिए.



राजा दशरथ की तीन रानियां और चार पुत्र थे, लेकिन रानियों में आपसी एकता थी व



उनके पुत्रों में भी आपसी प्रेम था, इससे यह सीख मिलती है कि अनेकता में एकता होना चाहिए.



हनुमान जी प्रभु राम के सच्चे भक्त थे, जो उनके दुःख की घड़ी में सदैव उनके साथ थे,



इससे यह सीख मिलता है कि दुःख की घड़ी में एक दोस्त की मदद अवश्य करनी चाहिए.



सीता मां को लंका से लाने के लिए सभी वानर सेनाओं ने मिलकर पत्थर पर श्री राम लिखकर पुल तैयार किया था,



जिससे हमें यह सीख मिलती है कि ईश्वर पर विश्वास रखकर व टीम वर्क से किसी भी कार्य को सफल बनाया जा सकता है.