पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष होते होते हैं.

माह के पहले 15 दिन कृष्ण और अंतिम 15 दिन शुक्ल पक्ष होते हैं.

उजाली रात शुक्ल पक्ष में आती है, जो अमावस्या के बाद होती है.

अमावस्या के अगले दिन से चंद्रमा का आकार बढ़ने लगता है.

और अंधेरी रात भी चांद की रोशनी से चमकने लगती है.

पूर्णिमा ऐसा दिन है जब चंद्रमा का प्रकाश फैला रहता है.

इसलिए पूर्णिमा की रात को उजाली रात कहते हैं.

हिंदू धर्म में उजाली रात को सकारात्मक ऊर्जा वाली रात माना जाता है.

वहीं काली रात को नकारात्मक ऊर्जा वाली रात कहते हैं.