नागा साधु और अघोरी की जीवनशैली में कई अंतर होते हैं.



अघोरी अधिकतर शमशाम या जंगल में रहते हैं तो नागा साधु
मठ, आश्रम और हिमालय की कंदराओं में रहते हैं.


नागा साधु शाकाहारी होते हैं और संयमित जीवन जीते हैं.



दोनों ही शिव को पूजते हैं, लेकिन दोनों के पूजा, तपस्या
करने का तरीका बेहद अलग-अलग है.


वहीं अघोरी तांत्रिक परंपरा से जुड़े होते हैं. जबकि नागा
साधु वैदिक परंपरा के अनुयायी है.


नागा साधु शिव की पूजा करते हैं, जबकि अघोरी शिव के
उग्र स्वरूप काल भैरव की उपासना करते हैं.


नागा साधु दिन में सिर्फ एक बार भोजन करते हैं, वो भी
भिक्षा मांगकर.


वहीं अघोरी मास, मदिरा, कच्चा मास का सेवत करते हैं.