तिथि: 25 जुलाई 2026, शनिवार को देवशयनी

(हरिशयनी) एकादशी का व्रत रखा जाएगा.

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व्रत का समय: एकादशी तिथि सुबह 11:34 बजे

तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि चालू होगी.

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पूजा का शुभ समय: ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सुबह और भगवान विष्णु

की प्रदोषकाल में पूजा करना भी शुभ माना जाता है.

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प्रिय भोग: भगवान विष्णु को पंचामृत, तुलसी दल, पीले फूल,

खीर, माखन-मिश्री, फल और सूखे मेवे चढ़ाए.

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क्या करें: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें,

विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और तुलसी पूजन जरूर करें.

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क्या न करें: चावल, मांसाहार, लहसुन-प्याज,

शराब और तामसिक भोजन का सेवन न करें.

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व्रत नियम: संभव हो तो निर्जला या फलाहार व्रत

रखें और मन, वचन व कर्म से संयम बनाए रखें.

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विशेष महत्व: इस दिन से चातुर्मास आरंभ होता है और

भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं.

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दान-पुण्य: पीले वस्त्र, अन्न, घी, छाता, जल और जरूरतमंदों

को भोजन का दान शुभ फलदायी माना जाता है.

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पारण: व्रत का पारण 26 जुलाई 2026 (द्वादशी) को निर्धारित

पारण समय में भगवान विष्णु की पूजा के बाद करें.

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