15 नवंबर 2024 को देव दिवाली है. इस दिन काशी के घाट
दीपक से रोशन होते हैं, देवतागण दिवाली मनाने यहां आते हैं.


देव दिवाली के दिन सूर्यास्त के बाद नदी-तालब या कुंड में
आटे के दीपक बनाकर दीप जलाए जाते हैं.


मान्यता है इससे अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है और
सुख-समृद्धि का वास होता है.


देव दिवाली पर दीपदान करने से शिव, विष्णु जी की कृपा
मिलती है. पितर भी प्रसन्न होते हैं.


देव दिवाली पर प्रदोष काल में 11, 21, 51 या 108 आटे के दीपक
लगाकर नदी, सरोवर में छोड़े.


देव दिवाली के दिन सबसे पहले घर के मंदिर में लक्ष्मी
पूजन करें.


वहां अखंड दीपक जरूर जलाएं और इस बात का ध्यान
रखें कि दीपक बूझना नहीं चाहिए.


देव दिवाली के दिन बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीया जलाना चाहिए.
इससे कष्टों से मुक्ति मिलती है.