चाणक्य के विचार आज भी युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं.



चाणक्य नीति में कहा जाता है, सुखी वैवाहिक जीवन चाहिए तो कभी अपनी पत्नी के समीप



ये बातें नहीं करनी चाहिए, आइए जानते हैं चाणक्य किन बातों के बारे में बात कर रहें हैं.



चाणक्य के अनुसार अगर आप कभी दान दें तो



कभी किसी को न बताएं.



इस तरीके से गुप्त रखें, कि आपके दुसरे हाथ को भी पता न लगे.



चाणक्य कहते हैं, इस बात का अर्थ है, कि हाथ से दान देते वक्त दूसरे
हाथ को तक भनक नहीं होनी चाहिए


चाणक्य नीति कहती है, कि दान-धर्म के काम में खर्च करने पर पत्नी से भी इस बात का जिक्र न करें.



इससे दान-धर्म के कार्य प्रभाव कम हो जाता है.



किसी को बिना बताए दान-धर्म करने का फल कई गुना ज्यादा मिलता है.