108 का मतलब क्या है



108 संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वरूप है



वैदिक धर्म ग्रंथ एवं शास्त्रों में बताया गया है कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड में कुल 27 तारामंडल हैं



जिन्हें नक्षत्र भी कहा गया है



इन सभी तारामंडल की चार दिशाएं हैं



इसलिए हम यदि 27 को 4 से गुणा करते हैं तो कुल 108 संख्या आती है



जिसका अर्थ यह निकलकर आता है कि संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वरूप 108 अंक है



हिंदू धर्म में 108 संख्या का विशेष महत्व माना जाता है



ईश्वर के नाम का जप करना हो तो भी 108 बार ही जप करते हैं



किसी मंत्र का जप करना हो तो भी 108 बार ही जप करते हैं



इसी कारण हिंदुओ के जप की सभी माला में 108 मनके ही होते हैं