G20 Summit In Bharat Mandapam: भारी बारिश के बाद भारत के जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम में पानी भर जाने की तस्वीरें वायरल हो गईं, इसके बाद कांग्रेस को केंद्र सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया. उन्होंने कहा, "एक बारिश ने खोखले विकास के दावे को उजागर कर दिया है." अब सरकार की ओर से इसका खंडन किया गया है.
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जलमग्न भारत मंडपम का वीडियो संलग्न करते हुए कहा, "खोखला विकास मॉडल उजागर हो गया. भारत मंडपम जी20 के लिए तैयार किया गया था और 2,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. एक ही बारिश ने दावों की पोल खोल दी."
सुरजेवाला ने भी साधा था निशाना
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ''3,000 करोड़ रुपये की लागत से बना भारत मंडपम थोड़ी सी बारिश में तैरता नजर आया, मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि दिन में ज्यादा बारिश न हो और जी20 शिखर सम्मेलन सकुशल संपन्न हो गया. मोदी सरकार ने गरीबों को पर्दे से ढक दिया है, लेकिन कोई भी दिखावा उसके कुकर्मों को नहीं ढक सकता." सुरजेवाला ने कहा, "वैसे भी, मोदी सरकार में आयोजनों और उद्घाटनों के बाद कुछ नहीं टिकता."
भारतीय युवा कांग्रेस के प्रमुख श्रीनिवास बीवी ने भी सरकार पर तंज किया और कहा, "करोड़ों रुपये की लागत से G20 सदस्यों की मेजबानी के लिए बनाए गए 'भारत मंडपम' की तस्वीरें. विकास तैर रहा है."
पीआईबी ने किया दावों का फैक्ट चेक
पीआईबी फैक्ट चेक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''एक वीडियो में दावा किया गया है कि जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल पर जलभराव है. यह दावा अतिशयोक्तिपूर्ण और भ्रामक है. रातभर की बारिश के बाद पंपों को काम पर लगाने के कारण खुले क्षेत्र में मामूली जलजमाव को तेजी से साफ कर दिया गया. फिलहाल आयोजन स्थल पर कोई जलजमाव नहीं है.''
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