Social Media पर इतनी आजादी क्यों जो किसी को जान देने के लिए मजबूर कर दे? | Trollers |Detailed Report
एबीपी न्यूज़ वेब डेस्क | 21 May 2024 10:36 PM (IST)
सोशल मीडिया से पहले हमारे समाज में ताने होते थे। सास-बहू-ननद- भौजाई-देवरानी-जेठानी-रिश्ते-नातेदार और मोहल्ले वाले..एक दूसरे के पीछे पड़ जाते थे। हर बात में टोका टोकी करते थे। जीना मुश्किल कर देते थे। वक्त बदला..समाज बदला.. पीढ़ी बदल गयी... हम GEN-X से GEN-Z में पहुंच गए। लेकिन जहरीले ताने नहीं बदले। वो हमारा पीछा करते हैं.. पहले मुंह से निकल कर कान पर पड़ते थे.. अब KEYBORD से निकल कर टाइम लाइन पर आते हैं..न शर्म,न लिहाज, बिना सोचे समझे, किसी को कुछ भी कह देने की आजादी। इसी आजादी ने एक मां की जिंदगी छीन ली है। रम्या का दुर्भाग्य ये था.. कि वो चौथी मंजिल की बालकनी में अपनी बच्ची को दूध पिला रहीं थीं ..