Sri Lanka Crisis : तेल-गैस का हाहाकार, हर तरफ लंबी कतार, राजपक्षे सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा
ABP News Bureau | 04 Apr 2022 09:47 PM (IST)

हिंदुस्तान के सिर के पास पाकिस्तान में लोकतंत्र का दर्द है तो नीचे श्रीलंका में अर्थतंत्र का दर्द। श्रीलंका आज सड़क पर आ गया है। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रेडमैन ने कहा था कि ऐसी कोई चीज नहीं है जो मुफ्त में मिलती है। जब सरकारें लुभाने के लिए तोहफे देती हैं तो नागरिकों को उसकी कीमत चुकानी पड़ती है। श्रीलंका में यही हो रहा है जहां लोगों के लिए दो जून की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है। ये सब इसलिए हुआ कि वोटरों को लुभाने के लिए वहां की सरकार ने मुफ्त में चीजें देनी शुरु की, टैक्स में कटौती कर दी। और नतीजा ये हुआ कि सरकारी खजाना खाली हो गया और देश दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका है।