Vice President Resignation: 'अचानक' हुए इस्तीफे से सियासी 'तूफान', संसद में हंगामा तय
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 22 Jul 2025 10:34 AM (IST)
देश में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में, उपराष्ट्रपति ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने त्याग पत्र में 'स्वास्थ्य कारणों' और डॉक्टर्स की सलाह का हवाला दिया है. यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, और पहले ही दिन उनके अचानक पद छोड़ने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. विपक्ष ने इस अप्रत्याशित इस्तीफे पर संदेह व्यक्त किया है, खासकर यह देखते हुए कि वे दिन भर सक्रिय रहे थे और उनके कई कार्यक्रम निर्धारित थे. कुछ नेताओं ने इसे 'अप्रत्याशित' और 'अस्पष्ट' बताया है, और कहा है कि इसमें 'जो दिख रहा है उससे कहीं ज्यादा' है. यह भी बताया गया है कि यह भारतीय इतिहास में पहला ऐसा इस्तीफा है जो 'स्वास्थ्य कारणों' से दिया गया है. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और इस्तीफे के पीछे की 'असली वजह' को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. संविधान के अनुसार, इस पद के रिक्त होने के बाद जल्द से जल्द नए उपराष्ट्रपति का चुनाव होना आवश्यक है. इस बीच, राज्यसभा के उपसभापति सदन की कार्यवाही का संचालन करेंगे. यह घटनाक्रम देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और आने वाले दिनों में इस पर और अधिक चर्चा होने की संभावना है. उपराष्ट्रपति के अचानक इस्तीफे ने भारतीय राजनीति में एक बड़ा 'सियासी तूफान' खड़ा कर दिया है. उनके इस्तीफे के पीछे 'पर्दे के पीछे' की सच्चाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि 'स्वास्थ्य कारणों' का हवाला देना सिर्फ एक बहाना हो सकता है, जबकि असली वजह कुछ और है. कांग्रेस सहित अन्य 'Opposition' दल सरकार से इस मामले पर जवाब तलब करने की रणनीति बना रहे हैं. संसद के 'Monsoon Session' में इस मुद्दे पर 'Political' बहस तेज होने की संभावना है. इस्तीफे के बाद भी प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या गृह मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे 'Political uncertainty' और बढ़ गई है. चर्चा में 'Business Advisory Committee' की बैठकें और 'JP Nadda' तथा 'Kiren Rijiju' की अनुपस्थिति का भी जिक्र है. इसके अलावा, 'Justice Verma' के खिलाफ 'Impeachment motion' को उपराष्ट्रपति द्वारा स्वीकार किए जाने की घटना को भी इस्तीफे से जोड़ा जा रहा है, जिसे सरकार के लिए 'embarrassment' माना गया. यह पूरा घटनाक्रम 'Indian Parliament' और 'Indian Politics' में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. 'Rajya Sabha' में 'Opposition' और 'Chair' के बीच चल रहे 'dispute' का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें सांसदों के 'suspension' और बोलने के अवसर न मिलने की शिकायतें शामिल हैं. यह घटनाक्रम 'National news' का एक प्रमुख विषय बन गया है.