Bihar Voter List: SC की बड़ी टिप्पणी, 'नागरिकता' पर EC का अधिकार!
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 10 Jul 2025 01:58 PM (IST)
बिहार वोटर लिस्ट मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानून यह तय नहीं करता कि चुनाव आयोग कब वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण करेगा। इसे चुनाव आयोग स्वयं तय कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि गहन पुनरीक्षण का तरीका भी आयोग ही तय करता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया संवैधानिक और कानून सम्मत प्रतीत होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यह चुनाव आयोग का काम है कि वह यह सुनिश्चित करे कि केवल देश का नागरिक ही मतदाता हो। इसके लिए नागरिकता की जानकारी लेना आवश्यक है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि पुनरीक्षण के लिए 11 दस्तावेज मांगे गए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल ने दलील दी कि नागरिकता साबित करने का बोझ वोटर पर डालना ठीक नहीं है और आयोग को किसी को बाहर करने से पहले बताना चाहिए कि उसे नागरिक क्यों नहीं माना जा रहा है। उन्होंने बर्थ सर्टिफिकेट और मनरेगा कार्ड जैसे दस्तावेजों को स्वीकार न किए जाने का भी जिक्र किया। अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रक्रिया में जल्दबाजी पर सवाल उठाया, यह कहते हुए कि 2003 में ऐसी प्रक्रिया के लिए दो साल का समय था, जबकि अब केवल तीन महीने हैं। तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन के नेता भी इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। पूरे देश और बिहार की जनता की नजर इस सुनवाई पर बनी हुई है। एबीपी न्यूज़ इस खबर को लगातार दिखा रहा है।