Electoral Roll Revision: SC में EC की दलील, Aadhaar नागरिकता का प्रमाण नहीं!
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 10 Jul 2025 01:18 PM (IST)
सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची को अपडेट करने की चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सुनवाई चल रही है। चुनाव आयोग ने अदालत में अपनी दलीलें पेश की हैं। चुनाव आयोग के वकील ने कहा है कि मतदान का अधिकार भारतीय नागरिक के लिए है और आधार नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है। यह दलील चुनाव आयोग ने तब दी जब उससे पूछा गया कि आधार को मान्य दस्तावेजों में क्यों नहीं जोड़ा गया। चुनाव आयोग की तरफ से मान्य बताए गए 11 दस्तावेजों में आधार, वोटर कार्ड और राशन कार्ड को शामिल नहीं किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई है कि इस प्रक्रिया से लाखों मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आशंकाओं को गलत बताया है और कहा है कि पहले प्रक्रिया पूरी होने दी जाए। कोर्ट ने इस पर चिंता जताई है कि अगर एक बार मतदाता सूची बन गई तो कोर्ट उसमें दखल नहीं दे पाएगा। विपक्ष के नेताओं ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि चुनाव आयोग किसी की नागरिकता कैसे तय कर सकता है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल भी इस मामले में दलीलें पेश कर रहे हैं। रिप्रजेंटेशन ऑफ़ पीपल्स अक्ट की धारा 21 उपधारा तीन के तहत चुनाव आयोग को इस प्रक्रिया को पूरा करने का अधिकार है।