Socialism Secularism: 'समाजवाद-धर्मनिरपेक्षता' पर घमासान, आर्थिक असमानता पर वार!
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 30 Jun 2025 06:26 PM (IST)
संविधान में 'समाजवाद' और 'धर्मनिरपेक्षता' शब्दों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. एक पक्ष का दावा है कि ये शब्द इंदिरा गांधी के शासनकाल में जोड़े गए थे और बाबा साहेब अंबेडकर के मूल संविधान में नहीं थे. वहीं, दूसरे पक्ष ने देश में बढ़ती आर्थिक असमानता पर सवाल उठाए, जिसमें 10% लोगों के पास देश की 77% संपत्ति होने का जिक्र किया गया.