राष्ट्रीय पर्व पर नॉनवेज बेचना-खाना मना?
अब बात स्वतंत्रता दिवस को लेकर शुरू हुए मीट संग्राम की करेंगे...एक ऐसे आदेश की करेंगे जिससे ये तय करने की कोशिश हो रही है कि...आजादी के जश्न वाले दिन आप क्या खाएंगे और क्या नहीं खाएंगे...पहले आपको बताते हैं कि ये खबर क्या है... -दरअसल महाराष्ट्र में कुछ नगर निगम और नगर निकायों ने एक फैसला लिया है...इस फैसले के तहत 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन क्षेत्र में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है... -मतलब स्वतंत्रता दिवस वाले दिन उन इलाकों में मांस या मीट की दुकानें नहीं खुलेंगी और बूचड़खाने भी बंद रखे जाएंगे... -जिन स्थानीय निकायों ने ये फैसला लिया है उनमें कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका, मालेगांव नगर निगम, छत्रपति संभाजी नगर निगम और नागपुर नगर निगम शामिल हैं... -इसके अलावा देश के कुछ और राज्यों में भी स्थानीय नगर निकायों की तरफ से इस तरह का फैसला लिया गया है महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में इस फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है...लेकिन कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका यानी KDMC अपने फैसले पर कायम है...वो इसके पीछे 1988 के एक आदेश का हवाला दे रहा है...इसके मुताबिक तत्कालीन प्रशासक ने ये आदेश जारी किया था कि हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को दो राष्ट्रीय त्योहारों पर चिकन और मटन की दुकानें बंद रखी जाएंगी...KDMC का ये भी कहना है कि बैन मटन-चिकन की बिक्री पर है ना कि इनके सेवन पर...ये क्या बात हुई जब मीट बिकेगा ही नहीं तो लोग खरीदकर उसे बनाकर खाएंगे कैसे...अब महाराष्ट्र में चिकन-मटन व्यापारी संघ के साथ स्थानीय लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं...बावजूद इसके निगम फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं है...