Mahadangal: 'RRS से घबराए हुए हैं पीएम मोदी'- Alok Sharma | BJP | PM Modi
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 15 Aug 2025 06:26 PM (IST)
15 अगस्त के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का जिक्र करने पर एक टीवी डिबेट हुई। इस चर्चा में एक पक्ष ने कहा कि आरएसएस एक ऐसा संगठन है जो अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है। यह सेवा, समर्पण और अनुशासन की मिसाल है और विश्व का सबसे बड़ा संगठन है। उन्होंने बताया कि आरएसएस प्राकृतिक आपदाओं सहित विभिन्न अवसरों पर जनता की सेवा करता है। यह भी कहा गया कि कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू जी ने 26 जनवरी की परेड में आरएसएस को शामिल होने की अनुमति दी थी। दूसरे पक्ष ने आरएसएस पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने आज तक अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। यह संगठन नफरत के बीज बोता है और इसने टू-नेशन थ्योरी दी थी, साथ ही भारत-पाकिस्तान विभाजन में जिन्ना के साथ मिलकर नींव डाली थी। यह भी आरोप लगाया गया कि आरएसएस ने मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों की फौज में युवाओं को भर्ती कराया था। इस पक्ष ने कहा कि आरएसएस पर कई बार प्रतिबंध भी लगा है और यह संवैधानिक संस्थाओं तथा शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि “मोदी जी अपनी खाल बचाने के लिए आरएसएस की शरण में गए।”