Nepal Protests: Kathmandu में कोहराम, Oli के इस्तीफे के बाद King का राज?
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 09 Sep 2025 10:06 PM (IST)
नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। आंदोलन में दो चेहरों की चर्चा हो रही है, जिनमें से एक पूर्व उपप्रधानमंत्री रवि लामिछने हैं। लामिछने को कोऑपरेटिव घोटाले के आरोप में जेल से रिहा किया गया है। इस आंदोलन के पीछे सूदन गुरुंग का नाम भी लिया जा रहा है, जो 'हामी नेपाल' नाम का एनजीओ चलाते हैं और उन्होंने आंदोलन के लिए मुहिम चलाई है। इस साल नेपाल की हुकूमत के खिलाफ यह दूसरी बगावत है। इससे पहले मार्च महीने में राजा ज्ञानेंद्र शाह के काठमांडू लौटने पर राजशाही की मांग को लेकर बवाल हुआ था। उस वक्त बालिन शाह ने राजा के पक्ष में बयान दिया था। हालांकि, कल से आज तक नेपाल में हिंसा और आगजनी के नारों में राजशाही की वापसी की मांग का नारा सुनाई नहीं दिया है। सोमवार को नेपाल की सड़कों पर हिंसा हुई और मंगलवार को दिन भर काठमांडू में कोहराम मचा। प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद सेना उन्हें अज्ञात जगह ले गई है। लंबे आंदोलन के बाद 17 साल पहले नेपाल में राजशाही का खात्मा हुआ और लोकतंत्र की स्थापना हुई, लेकिन लोकतंत्र का प्रयोग सफल साबित नहीं हुआ। इसी साल मार्च में हजारों की भीड़ ने राजा ज्ञानेंद्र शाह का स्वागत किया था और "राजा आओ देश बचाओ" के नारे लगाए थे। बीते 17 साल में नेपाल में 13 अलग-अलग सरकारें बन चुकी हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कमजोर होने से जनता का भरोसा टूटा है और महंगाई व बेरोजगारी से आर्थिक हालात बद से बदतर हो चुके हैं।