Muslim Alimony: लाइव टीवी में Subuhi Khan ने खोल दी शरीयत और मौलानाओं की पोल | AIMPLB | ABP News
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जब से एक मामले में मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया है, तब से ही इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है. मुस्लिम संगठनों की तरफ से कोर्ट के फैसले का विरोध किया गया है. इसमें सबसे आगे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) है. इसके सदस्य कमाल फारुकी ने कहा है कि एआईएमपीएलबी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है.
शरिया लॉ या संविधान...किधर जाएंगे मुसलमान?....ये सवाल मुस्लिम महिलाओं को गुजारा भत्ता के अधिकार पर AIMPLB के रुख से उठा है...दरअसल 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया...सुप्रीम कोर्ट ने कहा CrPC की धारा 125 सभी पर लागू होती है...धारा 125 ये तय करती है...कि महिला किसी भी धर्म की हो...उसे तलाक की स्थिति में पति से गुजारा भत्ता लेने का अधिकार है...




























