Monsoon Havoc: Yamunotri, Mandi में तबाही, Gwalior की सड़कें धंसी!
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 02 Jul 2025 02:02 PM (IST)
उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम में अचानक आए सैलाब और भूस्खलन के कारण कई श्रद्धालु एक हफ्ते से फंसे हुए थे। प्रशासन ने पैदल पगडंडी तैयार कर लोगों को धीरे-धीरे निकाला। महाराष्ट्र के सोलापुर, पुणे और संभाजी नगर से आए 40 लोगों के एक समूह ने बताया कि वे दो दिन तक फंसे रहे। यशोदा ट्रैवल्स और सेना के जवानों ने उनकी मदद की। 23 जून को यमुनोत्री धाम से लौटते समय हुए भूस्खलन में कुछ लोगों की जान चली गई थी और कुछ लापता हैं। इनमें दिल्ली के रोहिणी से आई डेढ़ साल की एक बच्ची भी शामिल है। बच्ची के माता-पिता ने बताया कि भैरव मंदिर के पास उनकी बच्ची उनसे 10-12 कदम आगे थी जब अचानक चट्टानें गिरीं और सड़क धंस गई। उन्होंने कहा, 'मेरी बच्ची की कोई चीज़ है नहीं है। कुछ भी मेरे हाथ नहीं आया। मैं यहाँ से खाली हाथ जा रही हूँ। कि मुझे कुछ तो पता लगे कि मेरी बच्ची है नहीं है। कुछ तो मेरे हाथ में आए कुछ नहीं।' रेस्क्यू टीम डेढ़ घंटे बाद पहुंची। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के तुनाग में सोमवार को बादल फटने से भारी तबाही हुई। स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में सैलाब को घरों में घुसते और गाड़ियों को मलबे में धंसते देखा जा सकता है। करीब 24 घर और दुकानें पूरी तरह से तबाह हो गईं। मंडी जिला मुख्यालय से तुनाग का संपर्क टूट गया था और लोगों को 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। ब्यास नदी उफान पर है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 18 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़कें मानसून की बारिश में 15 दिन के भीतर सातवीं बार धंस गईं। इससे गड्ढे हो गए और वाहन फंसने लगे। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर सवाल उठ रहे हैं। ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो पांच दिन में रिपोर्ट देगी। नगर निगम को सामग्री की सैंपलिंग के लिए निर्देशित किया गया है।