MNS Attack: सुशील Kedia के ऑफिस पर हमला, Raj Thackeray से मांगी माफी | Maharashtra
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 06 Jul 2025 11:02 AM (IST)
महाराष्ट्र में भाषा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद के चलते लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। बिजनेसमैन सुशील केडिया के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उनके वर्ली स्थित दफ्तर में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। सुशील केडिया ने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे द्वारा मराठी भाषा को अनिवार्य करने की बात का विरोध किया था, जिसके बाद वे राज ठाकरे की पार्टी के निशाने पर आ गए। तोड़फोड़ की घटना के कुछ ही घंटों के भीतर सुशील केडिया ने सार्वजनिक रूप से राज ठाकरे से माफी मांग ली। उन्होंने अपने रुख में बदलाव दिखाते हुए राज ठाकरे की सराहना की और उन्हें हीरो तक बताया। सुशील केडिया ने कहा कि मुंबई में 30 साल रहने के बावजूद वे दक्षता और प्रवाह से मराठी नहीं सीख पाए और शर्मिंदगी से बचने के लिए मराठी कम बोलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दी थी और तनाव व दबाव की वजह से हुई गलती का एहसास होने के बाद सुधारना जरूरी है। इस पूरे घटनाक्रम पर कवि कुमार विश्वास ने कहा कि "भाषा प्रेम फैलाती है, भाषा नफरत नहीं फैलाती, मैं आशा करता हूँ कि हमारी माँ और हमारी मौसियां जितनी भी भाषाएं हैं, चाहे वो मराठी हो, चाहे गुजराती हो, चाहे कन्नड़, तमिल, तेलुगु, ये सब बहुत समृद्ध भाषा है। राजनेता अपने निजी स्वार्थ के लिए व्यक्तिगत वैमनस्य देश के लोगों में ना फैलाएं, सबको भाषा आनी चाहिए।" केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने हिंदी के विरोध को गलत बताया और कहा कि राज ठाकरे को अपने कार्यकर्ताओं को समझाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मराठी आनी चाहिए, ये समझाने की बात हम समझ सकते हैं। मराठी पढ़ाने की बात भी हम समझ सकते हैं, लेकिन ऐसी दादागिरी का हमारा कड़ा विरोध है। और सरकार ने सरकार ने इनके ऊपर अक्शॅन लेनी चाहिए और उनको सजा है। ये सजा ऐसे लोगों को मिलनी चाहिए।" बीजेपी के पूर्व सांसद और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ ने भी भाषा, जाति या धर्म के नाम पर राजनीति का विरोध किया।