जानिए नया कानून बनने के बाद सजा पाए नेताओं का क्या होगा ?
प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को गिरफ्तारी या 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद छोड़ना होगा...शर्त ये है कि जिस अपराध के लिए हिरासत या गिरफ्तारी हुई है उसमें 5 साल या ज्यादा की सजा का प्रावधान हो...कहने का मतलब ये है कि अब जेल से सरकार नहीं चलेगी...यानी पीएम, सीएम या कोई मंत्री अगर जेल में बैठकर सरकार की कमान हाथ में रखना चाहता है तो ये बिल उसे ऐसा करने से रोकता है...30 दिन हिरासत में रहने पर अगर इस्तीफा नहीं देते हैं तो बिल के प्रावधानों के तहत वो अपने आप ही पदमुक्त हो जाएंगे...प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को गिरफ्तारी या 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद छोड़ना होगा...शर्त ये है कि जिस अपराध के लिए हिरासत या गिरफ्तारी हुई है उसमें 5 साल या ज्यादा की सजा का प्रावधान हो...कहने का मतलब ये है कि अब जेल से सरकार नहीं चलेगी...यानी पीएम, सीएम या कोई मंत्री अगर जेल में बैठकर सरकार की कमान हाथ में रखना चाहता है तो ये बिल उसे ऐसा करने से रोकता है...30 दिन हिरासत में रहने पर अगर इस्तीफा नहीं देते हैं तो बिल के प्रावधानों के तहत वो अपने आप ही पदमुक्त हो जाएंगे...प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को गिरफ्तारी या 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद छोड़ना होगा...शर्त ये है कि जिस अपराध के लिए हिरासत या गिरफ्तारी हुई है उसमें 5 साल या ज्यादा की सजा का प्रावधान हो...कहने का मतलब ये है कि अब जेल से सरकार नहीं चलेगी...यानी पीएम, सीएम या कोई मंत्री अगर जेल में बैठकर सरकार की कमान हाथ में रखना चाहता है तो ये बिल उसे ऐसा करने से रोकता है...30 दिन हिरासत में रहने पर अगर इस्तीफा नहीं देते हैं तो बिल के प्रावधानों के तहत वो अपने आप ही पदमुक्त हो जाएंगे...प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को गिरफ्तारी या 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद छोड़ना होगा...शर्त ये है कि जिस अपराध के लिए हिरासत या गिरफ्तारी हुई है उसमें 5 साल या ज्यादा की सजा का प्रावधान हो...कहने का मतलब ये है कि अब जेल से सरकार नहीं चलेगी...यानी पीएम, सीएम या कोई मंत्री अगर जेल में बैठकर सरकार की कमान हाथ में रखना चाहता है तो ये बिल उसे ऐसा करने से रोकता है...30 दिन हिरासत में रहने पर अगर इस्तीफा नहीं देते हैं तो बिल के प्रावधानों के तहत वो अपने आप ही पदमुक्त हो जाएंगे...