Kanwar Yatra Controversy: 'पहचान' पर धर्म संग्राम, QR Code से 'जिहादी' कांवड़ का दावा!
एबीपी न्यूज़ | 05 Jul 2025 11:02 PM (IST)
कांवड़ यात्रा की शुरुआत से पहले उत्तर प्रदेश में 'पहचान' को लेकर धर्म संग्राम छिड़ गया है. मुजफ्फरनगर से शुरू हुई यह मुहिम अब शामली, हरिद्वार सीमा और गाजियाबाद तक पहुंच गई है. इस मुहिम की अगुवाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्वामी यशवीर कर रहे हैं, जो मुजफ्फरनगर के योग साधना आश्रम के महंत हैं. उनकी टीम दुकानदारों की पहचान के लिए दो तरीके अपना रही है: पहला, उन्हें भगवान वराह की तस्वीर और भगवा धर्म ध्वज भेंट करना और दुकानों पर लगाने को कहना. दूसरा, दुकान पर लगे UPI बारकोड को स्कैन करके दुकानदार के धर्म की पहचान करना. इस QR Code स्कैनिंग से अब तक दो बड़े खुलासे हुए हैं. मुजफ्फरनगर के 'पंडित जी वैष्णव ढाबे' पर स्कैनर से मुस्लिम नाम सामने आया, और हरिद्वार सीमा पर 'गुप्ता चाट भंडार' के भीतर 'गुलफाम' चाय-बिस्कुट बेचता मिला. स्वामी यशवीर ने हरिद्वार में बिकने वाली कांवड़ों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा, "जो यह थूक मूत्र वाला जिहादी गैंग है, यही 90% हरिद्वार के अंदर कांवड़ बनाता है. इसलिए कोई भी कांवड़ लाने वाला हरिद्वार से कांवड़ ना खरीदे या तो कांवड़ बनाने का सामान अपने साथ लाए. यदि आपने उन जेहादियों की बनाई हुई कांवड़ खरीदी तो कांवड़ आपके लेने से पहले खंडित कर दी गई है." पिछले साल भी स्वामी यशवीर ने ऐसी ही मुहिम चलाई थी, जिसके बाद यूपी सरकार ने नेम प्लेट लगाना अनिवार्य किया था, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे पलट दिया था. इस साल भी यह मुहिम बेरोकटोक चल रही है. गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल ने भी कांवड़ मार्ग पर नॉनवेज की दुकानें बंद रखने की अपील की है. प्रशासन ने भी कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं, जिसमें 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 1500 CCTV कैमरे शामिल हैं.