Iran US War | Trump | Mojtaba | Janhit: ट्रंप की डील ईरान के लिए 'जीत' या फिर 'आत्मसमर्पण'?
अमेरिका और ईरान के बीच होने जा रही शांति डील—'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। 19 जून को जिनेवा में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर से पहले, यह सवाल गहरा गया है कि क्या यह वास्तव में डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है, या फिर ईरान ने अपनी शर्तों पर अमेरिका को झुका दिया है? एक तरफ ट्रंप इसे अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर ईरानी नेतृत्व इसे अपनी 'शानदार जीत' और ट्रंप की 'हार' के रूप में प्रोजेक्ट कर रहा है। यूरेनियम संवर्धन से लेकर 24 बिलियन डॉलर के फ्रीज फंड तक, इस वीडियो में हम डिकोड करेंगे कि कैसे यह डील ट्रंप की राजनीतिक छवि के लिए फायदे की जगह 'कांटे' चुभो रही है। अमेरिका और ईरान के बीच होने जा रही शांति डील—'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। 19 जून को जिनेवा में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर से पहले, यह सवाल गहरा गया है कि क्या यह वास्तव में डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है, या फिर ईरान ने अपनी शर्तों पर अमेरिका को झुका दिया है? एक तरफ ट्रंप इसे अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर ईरानी नेतृत्व इसे अपनी 'शानदार जीत' और ट्रंप की 'हार' के रूप में प्रोजेक्ट कर रहा है। यूरेनियम संवर्धन से लेकर 24 बिलियन डॉलर के फ्रीज फंड तक, इस वीडियो में हम डिकोड करेंगे कि कैसे यह डील ट्रंप की राजनीतिक छवि के लिए फायदे की जगह 'कांटे' चुभो रही है।


























