Floods: Varanasi से Kullu तक, बाढ़ का रौद्र रूप... जनजीवन अस्त-व्यस्त!
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 03 Aug 2025 08:26 AM (IST)
उत्तर भारत के कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वाराणसी में गंगा और वरुणा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। घाट गंगा में समा गए हैं और पानी शहर के अंदर तक घुस गया है। तटवर्ती क्षेत्रों में घरों में पानी घुसने से लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि "75% लोग घर छोड़ चूके हैं। और 25% जो बचे हुए हैं उनके आने जाने के रास्ता नहीं है और काफी परेशान हैं।" निचले तल छोड़कर लोग ऊपरी मंजिलों पर शिफ्ट हो गए हैं। फतेहपुर में यमुना नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जिससे बांदा-कानपुर मार्ग पानी में डूब गया है और हजारों लोगों ने गांव से पलायन किया है। फसलें भी पानी में डूब चुकी हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। डंपर, क्रेन और कारें बाढ़ में बह गईं। मलाना-1 हाइडल पावर प्रोजेक्ट डैम की दीवार टूट गई और कुल्लू को मलाना से जोड़ने वाला पुल भी सैलाब में बह गया। बलिया में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और कई गांव में पानी घुस गया है, जिससे घर नदी में समा रहे हैं। शिमला में हाईवे खोलने के दौरान एक मशीन पहाड़ी से नीचे गिर गई, जिससे ड्राइवर की मौत हो गई।