Kanwar Yatra: खाने की शुद्धता जांचने के अधिकार पर सवाल | Sandeep Chaudhary | CM Yogi
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 02 Jul 2025 09:42 PM (IST)
टीवी डिबेट में खाने की शुद्धता और मिलावट पर गंभीर चर्चा हुई। एक प्रतिभागी ने कहा कि जिस खाने में थूक या मूत्र मिलाया गया हो, उसे कोई नहीं खाएगा। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को मौत की सजा मिलनी चाहिए, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। डिबेट में नकली दूध, पनीर और घी के उत्पादन का मुद्दा भी उठा, जिसमें बताया गया कि दूध उत्पादन से चार गुना पनीर और पांच गुना घी का उत्पादन हो रहा है, जो नकली होने का संकेत है। 'ऑपरेशन लंगड़ा' जैसे अभियानों के बावजूद नकली खाना बनाने वालों पर कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए गए। चर्चा में धर्म पूछकर गोली चलाने वाले आतंकवादियों का विरोध करने की बात हुई, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठा कि क्या देश में लोगों की पहचान धर्म के आधार पर की जा रही है। गुरुग्राम के एक दर्शक ने ढाबों में थूकने वाले वीडियो का जिक्र किया, जिस पर यह बहस हुई कि क्या ये इक्का-दुक्का अपवाद हैं या बड़ी समस्या। एक प्रतिभागी ने कहा कि यशवीर जैसे लोग समाज में गलत तस्वीर बनाते हैं, लेकिन भाठी और संदीप चौधरी जैसे लोग उनके खिलाफ लड़ रहे हैं। सरकार की भूमिका पर भी बात हुई कि उसे शुद्ध खाने की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। 'जसवीर' नामक व्यक्ति द्वारा बिना आधिकारिक अनुमति के खाने की जांच करने का मामला भी उठा, जिस पर पुलिस की भूमिका पर सवाल किए गए। सुप्रीम कोर्ट के वेज/नॉन-वेज डिस्क्रिप्शन के निर्देश का भी उल्लेख किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई।