Uttarkashi Cloudburst: धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण और आपदा में धर्म की राजनीति पर गरमागरम बहस
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 09 Aug 2025 06:14 PM (IST)
दिल्ली में एक टीवी डिबेट के दौरान उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण और प्राकृतिक आपदाओं को धर्म से जोड़ने के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। एक वक्ता ने एसटी हसन के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी धर्म के धर्म स्थल नहीं गिराए जाने चाहिए, चाहे वे मंदिर हों, मस्जिद हों या मजार हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसटी हसन ने अपने मूल बयान में उत्तराखंड और हिमाचल में दूसरों के मजहब का सम्मान न होने की बात कही थी। एक अन्य वक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि “पर्यावरण संतुलन बिगड़ने के कारण प्राकृतिक आपदाएं आती हैं। इसे धर्म से जोड़ना बिल्कुल गलत है।” उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही उनकी पार्टी इसका समर्थन करती है। उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों, जैसे यूसीसी, जबरन धर्मांतरण और नकल विरोधी कानून पर भी चर्चा हुई। एक प्रतिभागी ने कहा कि जहां भी नाजायज जगह पर अतिक्रमण हुआ है, उसे हटाया जाना चाहिए, क्योंकि इस्लाम स्वयं अतिक्रमण की अनुमति नहीं देता। बहस में अवैध मजारों पर बुलडोजर कार्रवाई और मुसलमानों को वोट बैंक बनाने की राजनीति पर भी बात हुई।