Balakot Air Strike: Pulwama का बदला, नए भारत का 'एयर स्ट्राइक' पराक्रम! special ops
एबीपी न्यूज़ डेस्क | 16 Jul 2025 10:46 PM (IST)
2018 में पुलवामा में सीआरपीएफ बटालियन पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत स्तब्ध रह गया था। इस हमले के अगले दिन, 15 फरवरी को प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, तीनों सेनाओं और खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के साथ एक और बैठक की। इस बैठक में एक अधिकारी ने कहा, "सर, हमें कार्रवाई जल्दी से शुरू कर देनी चाहिए और इस बार सर्जिकल स्ट्राइक वायु सेना के जरिये करे तो ज्यादा बेहतर होगा।" बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के अल्फा ट्रेनिंग सेंटर को निशाना बनाने का निर्णय लिया गया। ग्वालियर से 12 आधुनिक मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। स्वदेशी नेत्रा सिस्टम और वायुसेना के सैटेलाइट जी-सैट 7ए से सूचनाएं मिलीं। मानव रहित हेरन विमान भी निगरानी कर रहे थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन शुरू होने की सूचना प्रधानमंत्री को दी। करीब 15 मिनट में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की वायु सीमा में अपने मिशन को अंजाम दिया और वापस लौट आई। इस एयर स्ट्राइक से भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंक को बढ़ावा देगा, तो भारत पाकिस्तान में घुसकर उसका खात्मा कर सकता है। यह नए भारत के पराक्रम और तकनीक के महत्व को दर्शाता है।